Friday, 4 September 2015

शस्य श्यामला धरती , स्वच्छ धूप हवा का वर्णन कर देने से गाँवों की पेय जल समस्या का निदान तौ नहीं हौ जायेगा, गड्ढों में से पशुओं की तरह मुँह लगा कर पानी पीते लोगों को देख कर भी क्या मैं उस दृश्य को भूल जाऊँ
भेड़ों के समुह के बीच बंशी बजाते अपने आप में सिमट कर जी भर रहे गड़ेरिये के भेड़ों के प्रति प्रेम को कितने ही प्रशंसनीय भाव से मैं लिख डालूँ, पर क्या उससे उस गड़ेरियै की पीढ़ी दर पीढ़ी की अभाव ग्रस्त जिन्दगी बदल तो नहीं जायेगी.
क्या गड़ेरिये की सरलता और सहजता वास्तविकता वास्तविक है .
याद तो आयेगा तुम्हे भी वह दिन
जब एक सपने से तुम खेल गये थे
सपनों का आना, उनको यूँ पालना
पाले हुए सपनों संग तुम खेल गये थे
खेल में भरमाया था नन्हे सपनों को
अपनों के सपनों संग भी खेल गये थे
बच्चे सपने, कच्चे सपने ,सच्चे सपने
खेल गये जिन सपनों से,वे तो अपने थे
भूल गये अपनों को भी, वहशी बने जब
अपने ही सपनों संग यूँ खेल खेल गये थे
Your real courageous intelligent right thinking  well wisher will come forward with unpleasant truth to lead you on the right path .


स्वाद कैसा भी हो , प्रभाव-परिणाम हितकारी- लाभकारी - इष्टकारी होना ही चाहिये.
To be remembered as a Judge one need not be the Chief Justice of India
Even unknown endorsed, know not why. All and everything abstract , still they are here around me , know not why.
Any way thanks to those who are Still around me and not walked away winkigly or ignorangly or abruptly .

Wednesday, 2 September 2015



किशनगंज: जिला सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार रतेरिया ने बलात्कार के मामले मे अभियुक्त एखलाक को सात साल की सजा सुनाई ।कोचाधामन मे हुआ था बलात्कार ।