Thursday, 15 January 2015

जीवन में एक दोस्त कर्ण जैसा भी जरूर होना चाहिए,
जो तुम्हारे गलत होते हुए भी तुम्हारे लिए युद्ध करे.!!
कभी कभी ही सही आप सब की याद इसी कारण आती रहती है ,
मित्र कर्ण ,पुत्र मेघनाद ,भाई कुम्भकर्ण ,पत्नी मन्दोदरी ,- आप सब की याद आ ही जाती है
Every living being is continuous source of physical movement, inertia (if it is really some where ) {I doubt any assumed inertia} ; energy cycle and the entire cosmos inter-relative friction-sound energy illumination equation.


History as we read and endorse is only inferences drawn by various persons interested in that field,know not why. Inferences may be mixed with innocent subjectivity or may be product of highly interestedness, may also be product of prompting,misrepresentation ,undue influence ,ulterior motive , otherwise other consideration.
History is after all narrations as per one's perception and analysis.
One's own views and culture has always a role to play

Wednesday, 14 January 2015

आज धन्यवाद कह ही दूँ उन्हें जो अब भी मुझे ब्लोक नहीं करते ,पढ़ लेते है या पढ़ देते है , या लाईक कर ही देते है , शेयर भी कर लिया करते हैं , कमेन्ट भी कर दिया करते है 
--- उन सब की लिस्ट थोड़ी लम्बी हो जाएगी इस लिये सभी का नाम नहीं लेना ही बेहतर होगा- 
फिर कहीं कोई नाम जिसका मैं वस्तुतः प्रशंसक हूँ छूट गया तो खाम खाह् मैं अपराध बोध से ग्रस्त हो जाऊंगा
-पहले से ही दो-एक बीमारी पाले हुए हूँ ,औरएक दो उपट जाएगी ,यह शायद ठीक नहीं रहेगा
-वैसे डाक्टरी खर्च मेरे नियोक्ता वहन करते हैं पर शायद मैनें अपने डाक्टरी खर्च-एल टी सी आदि का उपभोग कभी अभी तक तो नहीं किया,
चलिए ये बताईये की अभी तक आप लोगों ने मुझे अन्फ्रेंड क्यों नहीं किया ,
कमसे कम ब्लोक तो कर ही सकते थे
-वैसे भी मैं आपके अन्फ्रेंड कर देने से नाराज नहीं ही होऊंगा ,और हो ही गया तो अब तो आप में से किसी का क्या बिगड़ लूँगा -लगभग मैं तो चल-चला

विचार -विस्तार की प्रक्रिया ही विकास की अविरल प्रक्रिया है .सब कुछ विचार का ही स्थूल या मूर्त रूप है . विचार ही विचरण योग्य विश्व का निर्माण करते हैं . विचार ही निर्माण का आधार है .
तुम न भी करो तो मैं तो तुम्हारा इंतजार कर ही सकता हूँ न .
तुम मुझे तुम्हारा इंतजार करने से रोक तो सकते नहीं ,
तुम आओ या न आओ ,इंतजार करने का मेरा अधिकार तो तुम क्या, कोई भी मुझ से छीन तो सकता नहीं .
आना न आना तुम्हारा अधिकार , 
तुम न भी आओगे तो भी मैं यह मानने के लिये तैयार ही नहीं हूँ कि तुम नहीं ही आओगे .
मैं प्रतीक्षा करते ही रहूँगा .