Saturday, 1 June 2024

 बहुत ही सटीक विश्लेषण 👇🤔


नदी से  -  पानी नहीं रेत चाहिए,

पहाड़ से - औषधि नहीं पत्थर चाहिए,

पेड़ से  - छाया नहीं लकड़ी चाहिए,

खेत से - अन्न नहीं नकद फसल चाहिए. 


उलीच ली रेत, खोद लिए पत्थर,

काट लिए पेड़, तोड़ दी मेड़..


रेत से पक्की सड़क, 

पत्थर से मकान बनाकर, 

लकड़ी के नक्काशीदार दरवाजे सजाकर,

अब भटक रहे हैं.....!!


सूखे कुओं में झाँकते,

रीती नदियाँ ताकते,

झाड़ियां खोजते लू के थपेड़ों में,

बिना छाया के ही हो जाती सुबह से शाम.!!


और गली-गली ढूंढ़ रहे हैं आक्सीजन,

फिर भी सब बर्तन खाली..

                                                         

सोने के अंडे के लालच में,

मानव ने मुर्गी मार डाली !!!

Sunday, 26 May 2024

Ramesh Kumar Rateria, Former Chairman Commercial Taxes Tribunal, Patna; former Director Bihar Judicial Academy, Former  District & Sessions Judge.

 


 

Sunday, 5 May 2024

 शरद पवार कमरे में बैठे हैं तभी ऊध्दव ठाकरे मुंह उठा कर चले आते हैं।

शरद पवार बिना सोफे से उठे तुरंत हाथ बाहर की तरफ दिखाकर कहते हैं जाओ तुम बाहर इंतजार करो।
फिर खिसिया कर मुंह बनाकर उद्धव ठाकरे कहते हैं मैं बगल के कमरे में आपका इंतजार कर रहा हूं।
अपनी इतनी घनघोर बेइज्जती ये बंदा करवा रहा है दो पैसे की इज्जत नहीं रही इसकी।
सोचिए जब बीजेपी के साथ था तब किस तरह से बीजेपी पर दादागिरी करता था और आज इसकी हालत देखिए।

Saturday, 4 May 2024

 Puja Chokhani Mumbai 

A/106 Shiv Parvati Building, off Chincholi Bunder road , malad west , mumbai -400 064

Monday, 29 April 2024

 लिखना है?


तो लिखो उस कुतिया की आँखों के बारे में जिसके पिल्ले का धड़ सड़क से गुज़र रहे टायरों में थोड़ा-थोडा चिपक चिपक कर साफ़ हो रहा है! 


लिखो उस शर्मिंदा हिजड़े के नाक के पसीने के बारे में जो सब कुछ होना चाहता है सिवाय एक हिजड़े के!


 तुम लिख सक

ते हो उस जवान हाथ की कंपकंपाहट जो ब्लेड लिए नस का॰टने के नफे-नुक्सान को तौल रहा है!


कभी लिखकर देखो उस चिड़िया के फडफडाते परों के बारे में जो एक चील को अपने सामने से अपना बच्चा दबोचते हुए देख रही है! 


या लिखो उस मुर्गे के कानों के बारे में जो ध्यान से सुन रहे हैं दो ग्राहकों की झटके और हलाल की डिबेट!


तुम लिखो एक झोपड़ी में रात भर चली फुसफुसाती अन्ताक्षरी को जो टूटी छत से पानी टपकने की वजह से हो रही है! 


किसी दिन उतार दो पन्ने पर, उस विकलांग की शर्म जिसने बाथरूम पहुँचते पहुँचते फर्श पर टट्टी कर दी है! 


तुम लिख कर देखो उस बाँझ आँख की चमक जिसे वाश-बेसिन में पड़ी उलटी में एक उम्मीद की रंगोली दिख रही है! 


चाहो तो उस ट्यूब-बेल की मोटी धार के बारे में लिख सकते हो, जो कुछ नंगे बच्चों के पिछवाड़े को चूम कर धान को सुनहरा बना रहे हैं!


लिखो शहर की सबसे ऊंची बिल्डिंग की रेलिंग पर खड़े एक हारे नौजवान की उड़ान, जो वो बस लेने वाला है! 


तुम लिखो आसमान में बिन-मौसम काले बादल देखते हुए एक किसान की बेबसी और वहीँ थोड़ी दूर पर खेत में मिल रहे एक नए जोड़े के चेहरे की बूँदें! 


या लिखो शमशान में एक कंधे पर गोल घूम रहे घड़े के छेद से गिरते पानी की छींटें जो सामने पड़ी आग में किसी को जगाने की कोशिश कर रही हैं! 


लिखो सब कुछ जो लिखना है मगर एक पतिविहिन औरत की दास्तान भी लिखो जिसके सारे सपने एक पल में धाराशाही हुए होंगे ,जब उसकी चूड़िया तोड़ी गई होगी,मांग का सिन्दूर मिटाया गया होगा......


लिख सकते हो तो लिखो उस बच्चे के भरोसे के बारे में जो छत से गोल घूम कर बस कूदने वाला है कि शक्तिमान आएगा!


और उन दोस्तों की ठिठोली के बारे में भी जिन्हें लग रहा है कि ये सिर्फ मज़ाक है! 


लिखो दूर पहाड़ से बड़े शहर आई अकेली उस बुढिया के बारे में जिसे अस्पताल में अकेले इलाज कराना, एक पूरा जंगल काटने से ज्यादा कठिन लग रहा है! 


लिखो उस भिखारी की फैली पुतलियों और अचानक उठे दर्द के बारे में जो सामने से आती एक बड़ी गाड़ी को देखकर बढ़ गया है! 


लिखो उस रिश्तेदार के भेडिये जैसे दांतों के बारे में जो एक लड़की को कमरे में अकेले सोते हुए देखकर लार चुवा रहे हैं! 


लिखो किसी गार्ड की बोरियत का बहीखाता जिसमे सुबह से एक हजार कार और दो हजार मोटरसाइकिल का डेबिट क्रेडिट हो चूका है! 


लिखो कुछ ऐसा जिसपर किसी का ध्यान नहीं गया! लिखो क्यूंकि तुम्हारे पास बहुत सी कहानियाँ है आत्मा के हिडन फोल्डर में! 


लिखो,जिसको पढ़कर कोई वाह-वाह न करे! 

लिखो कि तुम्हारे लिखे का चर्चा न हो! लिखो बस कि अभी बहुत कुछ लिखना है तुम्हे!