Tuesday, 21 May 2019

एक पार्टी का वफादार नहीं बने रहना चाहिए
अपराधियों को हमारा कमजोर चरित्र, उफनता लोभ, बे लगाम काम, बेकायदा क्रोध औऱ बेसिक अहंकार निमंत्रित करता है।
सामान्यतः वे बिना बुलाये नहीं आते।
हमारा आचरण उन्हें निमंत्रित करता है।
कोई जाने या न जाने, भुक्त भोगी जानता है।

Tuesday, 14 May 2019

I am a passionate teacher, I am a crazy hard task master, many students call me sadist. Many hate me for my arrogance and sense of sarcasm.
Like that Gulmohar on my memory campus who is on full bloom today and soon his flowers will be gone.
His leaves will dry and we all will wait for the rains.
As new leaves will adorn that Gulmohar, at campus, a new life, a new world of memories, a new journey of reflections will begin with new ........ till that next ....... day.
बचपन में मेरी माँ से सुना था कि लोग मकान बनवाते थे और रौशनी के लिए कमरे में दीपक रखने के लिए दीवार में इसलिए दो मोखे बनवाते थे क्योंकि माँ का
कहना था कि बेचारा अकेला मोखा गुमसुम और उदास हो जाता है।

मुझे लगता है कि संसार में किसी को अकेलापन पसंद नहीं।

_*आदमी हो या पौधा, हर किसी को*

_*किसी न किसी के साथ की ज़रुरत होती है।*
गलतियों को नजरअंदाज करना आत्महत्या के बराबर है।
सावधान रहिये।
मेरी बात मुझी से कहते रहे यार,
में तो यारी के ख्वाबों में डूबा रहा,
कब समझ ही पाया, कब कह पाया
😔😔