Wednesday, 11 January 2017

सबसे अच्छा ज्ञान है , जाना हुआ , 
Today and now is always talked in reference with yesterdays and tomorrows.
It matters little for them how you do.
They will examine why did you do and what did it bear,
They will study the past and the future of your work .
Be ready for that.
Students still research causes of rise or fall.
They still research impact of this and that.
You live in present but they will talk of past and future.
Your deeds today will be tested in the frame of yesterdays and tomorrows.
बस मैं जिस रास्ते बढ़ा, वे नये तो थे ही
रास्ते में दोस्त बनाना भी कत्तई मना था.
भर रास्ते जाना-पहचाना कोई मिला नहीं
पहचानना, पहचनवाना भी सख्त मना था
ख्वाहिश थी,कोई दूर से ही अपना मानेगा
उन्हीं दुआओं से नया रास्ता ,रौशन होगा
इन्तज़ार करते रहे भर रास्ते, भोर हो गई
फकीर मौज में, अपनों की बद्दुआ लग गई
रौशनी उनकी मुठ्ठी में बन्द खोल नहीं पाया
दुआएँ बिक रही थी बाजार में, ले नहीं पाया
हलाल जिसे वे कहते थे , वह तो हराम था
उनके कहे खुतबा जबह का पढ़ नहीं पाया
बेगुनाहों को सजा देने का हुक्म सुनाया गया
जो गुनाह कर न सका उसी का दोषी पाया गया
ज्ञान , विज्ञान , व्यक्ति , व्यक्तित्व का सन्धान ,अनुसन्धान, अध्ययन ,विश्लेषण करने की नई पीढ़ी की क्षमता , उत्साह चमत्कृत कर देने वाला है । नई पीढ़ी की तकनीक भी नई है । अच्छा लगा ।
ज्ञान , विज्ञान , व्यक्ति , व्यक्तित्व का सन्धान ,अनुसन्धान, अध्ययन ,विश्लेषण करने की नई पीढ़ी की क्षमता , उत्साह चमत्कृत कर देने वाला है । नई पीढ़ी की तकनीक भी नई है । अच्छा लगा ।

नई पीढ़ी के संग मिल उठिये ,बैठिये , बतियाईये , समझिये , जानिये ।
नई पीढ़ी अपने मतलब की उपयोगी चीजें आपसे खुद ही ले लेगी बशर्ते आपके पास उन्हें देने लायक कुछ हो और आपको खुद उस चीज के आपके पास उपलब्ध होने का आभास हो ।

To all my young friends undergoing formative day's trauma -
इर्ष्या के शिकार होने से बचो ,बहार के साथ बहने से बचो , चिकनी-चुपड़ी बातों की आंधी तूफ़ान या निमन्त्रण से बचो -- बस तीन साल -- फिर कहता हूँ -इर्ष्या के शिकार होने से बचो