बहुत छोटा सा झूठ भी चैन तो उड़ा ही ले जाता है , नींद तो खराब कर ही डालता है। झूठ की सीढयों पर चढ़ कर आप पद तक पहुँच भले ही जाएँ , झूठ खुद को तो काटते ही रहता है।
Sunday, 2 November 2014
Uncertainty hangs on head observing the rate at which my senior and contemporary friends are leaving for their final destination. I have to maintain myself strong and certain to fulfill the task assigned to my life here. Let my silent tears be my true strength.
But I do not know what is left to be done ? Something shall always be unfinished.
But life goes on for ever- whether I am here or not .
Those left, will take over and continue.
I believe, they are smarter, wiser and stronger than me .
करप्शन के लिये रौशनी को छिपाना पड़ता है , दीवारों को और ऊँचा उठाना पड़ता है , खिड़की दरवाजे बन्द , मोटे पर्दे लटकाने पड़ते है , बाउंड्री और घेरे बना अधिसंख्य को दूर , बहुत दूर रखना पड़ता है , मुस्टंड पहरेदार लगाने पड़ते हैं , मोटी मोटी पोथियाँ रचनी पड़ती है , साधारण लोगों को उसी में उलझा रखना पड़ता है , ----
करप्शन कलेजे वालों के ही बस का है - क्या क्या इंतजाम करना पड़ता है , पकड़े गये तो निकलने का इंतजाम भी पहले से ही सोचना पड़ता है।
करप्शन बड़े दिमाग और हिम्मत की चीज है। एक ग्रुप बनाना पड़ता है। बहुत कुछ नजरअंदाज करना पड़ता है। मन को भी मारना पड़ता है। खेलना ,खिलाना , खाना पीना , सोना ,सुलाना , सुनना , मानना , लेना , देना - क्या कुछ नहीं करना पड़ता। दाँत पर दाँत चढ़ाना पड़ता है।
बेशर्म बनना , बनाना पड़ता है। करप्शन बड़ी विद्या है , हर किसी के बस की बात नहीं है।
तब जाकर इस रस्ते पर चलकर महान बना जा सकता है।
करप्शन कलेजे वालों के ही बस का है - क्या क्या इंतजाम करना पड़ता है , पकड़े गये तो निकलने का इंतजाम भी पहले से ही सोचना पड़ता है।
करप्शन बड़े दिमाग और हिम्मत की चीज है। एक ग्रुप बनाना पड़ता है। बहुत कुछ नजरअंदाज करना पड़ता है। मन को भी मारना पड़ता है। खेलना ,खिलाना , खाना पीना , सोना ,सुलाना , सुनना , मानना , लेना , देना - क्या कुछ नहीं करना पड़ता। दाँत पर दाँत चढ़ाना पड़ता है।
बेशर्म बनना , बनाना पड़ता है। करप्शन बड़ी विद्या है , हर किसी के बस की बात नहीं है।
तब जाकर इस रस्ते पर चलकर महान बना जा सकता है।
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